प्रतियोगिता के आयोजन की जानकारी देते हुए जिला कराते संघ के अध्यक्ष जमाल अब्दुल नासिर ने बताया कि इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु और वजन समूहों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में काता और कुमिते वर्ग के मुकाबले आयोजित किए गए, जिसमें खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी कौशल और आत्मरक्षा की क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
काता में खिलाड़ियों ने अनुशासन और सटीकता के साथ कराते के विभिन्न रूपों और तकनीकों का प्रदर्शन किया, जबकि कुमिते में खिलाड़ियों ने वास्तविक मुकाबले की परिस्थितियों में अपनी शक्ति, गति और कुशलता का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में दर्शकों ने खिलाड़ियों की ऊर्जा और दृढ़ संकल्प की सराहना की, जिन्होंने आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपने खेल का प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता में डीपीएस कोलार के बालक वर्ग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता, जबकि माउंट कार्मल स्कूल बाग मुगलिया ने रनर-अप की स्थिति प्राप्त की। बालिका वर्ग में कार्मल कन्वेंट भेल ने ओवरऑल चैंपियनशिप जीती और डीपीएस कोलार ने बालिका वर्ग में रनर-अप की स्थिति हासिल की।
क्लब श्रेणी में, दीपक सेल्फ डिफेंस एकेडमी ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता, जबकि ब्लैक बेल्ट अकैडमी ने रनर-अप की स्थिति प्राप्त की। इन परिणामों से यह साफ होता है कि भोपाल में कराते जैसे खेल में न केवल स्कूलों बल्कि विभिन्न क्लबों के खिलाड़ियों में भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और उत्साह है।
स्वर्ण पदक विजेता: बालक वर्ग
बालक वर्ग में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीते, जिनमें आर्यदित सिंह, वैदिक दीक्षित, अक्षत कालबेले, श्रेयश परवधन, अविरल दीक्षित, अतरायु शर्मा, रुद्रांश शर्मा, लक्ष्यवीर उमेकर, अनुभव, यशवर्धन परमार, बसंत बिष्ट, आरव दवे, दर्श साकल्ले, मोहिम चौधरी, प्रभव कैलासिया, काव्य नागले, आर्यन नागले, निश्चित नारायण, रुद्रांश भटनागर और अमन गौर शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने न केवल अपने व्यक्तिगत कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि अपने स्कूल और क्लब का मान भी बढ़ाया।
बालिका वर्ग में भी खिलाड़ियों ने अद्वितीय प्रदर्शन किया। स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ियों में दर्शना तिवारी, भव्या रैकवार, इतिसी कबीरपंथी, आराध्या पांडे, वैष्णवी कुश, आभ्या प्रकाश, श्रेया जाट, आराध्या सिंह, प्रज्ञा पाठक, आरोही चौरसिया, वैदेही शर्मा, नंदना पिल्लई, जूही विश्वास, सानवी मिश्रा, आरूषी शर्मा, पाखी साकाले, सिया व्यास, खुशी वषर्नै, शिवानी अहिरवार और रीता विश्वास शामिल हैं। इन बालिका खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि युवतियां भी खेलों में युवाओं से कम नहीं हैं और वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं।
इस प्रतियोगिता के आयोजन के पीछे जिला कराते संघ का प्रमुख योगदान रहा। संघ के अध्यक्ष जमाल अब्दुल नासिर ने बताया कि यह प्रतियोगिता न केवल शारीरिक कौशल को निखारने के लिए, बल्कि मानसिक अनुशासन और आत्मरक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने यह भी कहा कि कराते एक ऐसा खेल है जो आत्मरक्षा की तकनीक सिखाता है और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों और युवाओं में खेल भावना के विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक होती हैं।
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