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दक्षिण भारत के पहले हिंदी दैनिक के लेखक अशोक मनवानी को मिला हुक्म देवी प्रकाश चंद्र कपूर पुरस्कार

हिंदी भवन में मध्य प्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित किया गया हिंदी सेवी सम्मान समारोह

भोपाल। मध्य प्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिंदी सेवी सम्मान समारोह हिंदी भवन में बुधवार को आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्यपाल मंगु भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता सेवा निवृत्त आईएएस एसपी दुबे ने की। इस कार्यक्रम में लेखक और जनसंपर्क विभाग के अधिकारी अशोक मनवानी सहित अन्य हिंदी सेवियों को सम्मानित किया गया। अशोक मनवानी को विशेष रूप से हुक्म देवी प्रकाश चंद्र कपूर पुरस्कार से नवाजा गया, जो उनके चार दशकों से लेखन क्षेत्र में योगदान के लिए दिया गया है।

चार दशक से साहित्य सेवा में सक्रिय

अशोक मनवानी साहित्य और समाज सेवा में सक्रिय व्यक्तित्व के धनी हैं। उनका लेखन और पत्रकारिता में योगदान पिछले 40 वर्षों से निरंतर जारी है। 16 वर्ष की आयु में उन्होंने लेखन और पत्रकारिता की शुरुआत की थी। स्कूल जीवन में ही वे प्रतिष्ठित बाल पत्रिका 'पराग' के संवाददाता बने थे। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, नवभारत और नई दुनिया जैसी राष्ट्रीय अखबारों में संवाददाता और उप संपादक के रूप में काम किया। उन्होंने राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं जैसे 'रविवार' 'जनसत्ता' और 'नवभारत टाइम्स' के लिए भी लेखन किया है।


सामाजिक योगदान

अपने लेखन के साथ-साथ, अशोक मनवानी ने सामाजिक सेवा में भी विशेष योगदान दिया है। उन्होंने 50 से अधिक बार रक्तदान किया है और सागर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और एनसीसी की गतिविधियों में हिस्सा लिया है। इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय की क्रिकेट टीम में विकेटकीपर के रूप में भी खेला है।

शैक्षणिक योग्यता और साहित्यिक उपलब्धियां

श्री मनवानी ने पत्रकारिता, कला संकाय में स्नातक, समाजशास्त्र में एमए और एमफिल की डिग्री हासिल की है। साहित्यिक क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उन्होंने लगभग 20 प्रादेशिक और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जिनमें भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय, मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी और सिंधी साहित्य अकादमी के पुरस्कार शामिल हैं। उन्होंने हिंदी और सिंधी दोनों भाषाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सिंधी भाषा परामर्श मंडल के सदस्य भी हैं।

नाटक और अनुवाद कार्य

अशोक मनवानी ने लेखन के साथ-साथ नाटकों में भी योगदान दिया है। उन्होंने कुछ नाटकों में अभिनय भी किया है और उनकी प्रमुख कृतियों में 'मिथ्या मंजिल' 'रक्तदोष' 'वतन आजाद देखूं' और 'मौजूदगी' जैसी पुस्तकों का नाम शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 200 से अधिक कहानियों और कविताओं का हिंदी से सिंधी और सिंधी से हिंदी में अनुवाद किया है। उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की दो पुस्तकों का भी हिंदी से सिंधी में अनुवाद किया है।


पुरस्कार और सम्मान

समारोह में अशोक मनवानी को हुक्म देवी प्रकाश चंद्र कपूर पुरस्कार प्रदान किया गया, जो उनके दीर्घकालिक लेखन और सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए दिया गया है। उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान उनके साहित्यिक और सामाजिक कार्यों की व्यापक मान्यता को दर्शाता है।

भविष्य की दिशा

अशोक मनवानी ने साहित्य जगत में अपने निरंतर योगदान के साथ-साथ आने वाले समय में और भी नई कृतियां प्रस्तुत करने का संकल्प व्यक्त किया। उनकी सृजनशीलता और समाज सेवा की भावना से हिंदी और सिंधी साहित्य को और समृद्ध करने की उम्मीद है।  

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