भोपाल। गायत्री शक्तिपीठ में लायंस क्लब भोपाल संस्कार द्वारा विश्व डायबिटीज-डे के अवसर पर निशुल्क डायबिटीज जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य लोगों को डायबिटीज के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच कर बीमारी के खतरों को कम करना था।
डायबिटीज, जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन हार्मोन नहीं बना पाता या इसे प्रभावी रूप से उपयोग नहीं कर पाता। इससे रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। खान-पान और जीवनशैली में लापरवाही इस समस्या को और बढ़ा देती है।
जांच शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। शिविर में 77 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 18 व्यक्तियों में डायबिटीज का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया। उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करने और आवश्यक चिकित्सा उपाय अपनाने की सलाह दी गई।
इस शिविर की खासियत यह रही कि 98 वर्षीय सूरज बाई, जिनकी उम्र के बावजूद उनकी डायबिटीज सामान्य स्तर पर थी। उन्होंने इसका श्रेय अपनी नियमित दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली को दिया। वहीं, एक 32 वर्षीय युवक की डायबिटीज सामान्य से अधिक पाई गई, जो युवाओं में इस समस्या के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है।
इस शिविर को सफल बनाने में लायंस क्लब भोपाल संस्कार के सदस्य और गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंधन का विशेष योगदान रहा। पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन एम के जैन, लायन बी सी जैन, लायन नीलू सूरी और अन्य सदस्यों ने शिविर को सुचारु रूप से आयोजित करने में अहम भूमिका निभाई। गायत्री शक्तिपीठ प्रबंधन की ओर से राजेश पटेल, व्यास जी और राकेश मिश्रा ने भी सक्रिय योगदान दिया।
लायंस क्लब इंटरनेशनल, डायबिटीज के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए विश्व स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को डायबिटीज के खतरों से अवगत कराना और समय पर जांच व उपचार सुनिश्चित करना है।
डायबिटीज से बचाव के उपाय
शिविर में मौजूद विशेषज्ञों ने बताया कि डायबिटीज से बचने के लिए संतुलित आहार, नियमित योग और व्यायाम बेहद जरूरी है। उन्होंने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। जंक फूड, चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स और ऑयली फूड्स से परहेज करना, साथ ही समय पर दवाइयां लेना, डायबिटीज के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
यह निशुल्क जांच शिविर केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज के प्रति एक सकारात्मक पहल थी। इसके जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया और डायबिटीज जैसी गंभीर समस्या से निपटने के उपायों को सिखाया गया।
लायंस क्लब भोपाल संस्कार के इस प्रयास ने यह साबित किया कि सही समय पर जागरूकता और जांच से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। यह शिविर भविष्य में और अधिक ऐसे आयोजनों के लिए प्रेरणा बनेगा, ताकि समाज में स्वास्थ्य और जागरूकता का स्तर ऊंचा उठाया जा सके।डायबिटीज की बढ़ती समस्या के बीच, ऐसे प्रयास समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।
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