भोपाल। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में अंतर जिला विश्वविद्यालय स्तर का तीन दिवसीय “युवा उत्सव 2024-25” ज्ञान विज्ञान भवन में 21 से 23 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस उत्सव का उद्घाटन विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से ज्ञान विज्ञान भवन तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा से हुआ, जिसे कुलपति प्रो. एसके जैन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह उत्सव युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक विकास में योगदान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एसके जैन ने की। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें मुख्य अतिथि, कुलपति, कुलसचिव डॉ. आईके मंसूरी, प्रो. पवन मिश्रा (अधिष्ठाता छात्र कल्याण) और प्रो. अंशुजा तिवारी ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि विश्वास सारंग ने अपने संबोधन में कहा भारत के युवाओं में देश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की अपार क्षमता है। यह उत्सव संस्कृति और रचनात्मकता के माध्यम से राष्ट्र और समाज के उत्थान का माध्यम बनता है। हमें केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी जीना चाहिए। विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने युवाओं को अपनी भूमिका राष्ट्र निर्माण में सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. एसके जैन ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा आप अपनी प्रतिभा और प्रयासों से न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि प्रदेश का गौरव बढ़ा सकते हैं। इंदौर में प्रतियोगिता जीतने वाले छात्रों को उनके घर पर विशेष ‘दाल-बाटी चूरमा’ पार्टी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कविता के माध्यम से छात्रों को प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उद्घाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों ने अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया। संतहृदयराम विद्यालय ने मां काली के दिव्य और रौद्र रूप को दर्शाते हुए “थय्यम नृत्य” प्रस्तुत किया। बैतूल जिले के विद्यार्थियों ने “अघोरी नृत्य” के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के छात्रों ने समूह गायन में देशभक्ति और लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं। “लहरा रहा गगन में झंडा तिरंगा प्यारा” गीत ने समारोह में जोश भर दिया। इसके साथ ही गोंड नृत्य, कालबेलिया नृत्य, गोरा, गोवर्धन पूजा और 13 थाली जैसे पारंपरिक नृत्यों ने भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाया।
प्रतियोगिताओं का आयोजन
उत्सव के दौरान एकल नृत्य, मिमिक्री, स्किट, माइम जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विभिन्न जिलों से आए विद्यार्थियों ने अपनी अनूठी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। हरदा, विदिशा, राजगढ़, बैतूल, भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और सीहोर के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कुलसचिव डॉ. आईके मंसूरी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, समन्वयकों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवशाली आयोजन बताते हुए कहा कि इस उत्सव ने छात्रों को राष्ट्रीय और सांस्कृतिक जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया।
Subscribe to our newsletter for daily updates and stay informed
© indianewsvista.in. All Rights Reserved.