भोपाल। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कार्मिकों और उनके परिवारजनों के लिए दो दिवसीय योग एवं स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग एवं प्राचीन भारतीय जीवनशैली के माध्यम से जवानों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करना था। कार्यशाला का समापन अवसर बेहद उत्साहपूर्ण रहा, जहां विशेष अतिथि के रूप में ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक अविनाश शरण और सम्मानित योग गुरु महेश अग्रवाल उपस्थित थे। इस आयोजन में योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अविनाश शरण ने महेश अग्रवाल को ‘सेवा और निष्ठा सम्मान’ की शील्ड भेंट कर सम्मानित किया।
योग और स्वास्थ्य पर जागरूकता के प्रति प्रेरक कदम
उपमहानिरीक्षक अविनाश शरण ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अनमोल धरोहर बताया और कहा कि विश्व कल्याण और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना भारतीय संस्कृति की विशेषता है। उन्होंने जवानों को प्रेरित किया कि वे अपने जीवन में नियमित रूप से योग को अपनाएं और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। इस अवसर पर श्री शरण ने अपने संबोधन में जवानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति तनाव को दूर कर सकता है और अपने शरीर को स्वस्थ रख सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि योग सिर्फ एक शारीरिक क्रिया नहीं है बल्कि यह मन और शरीर को संतुलित करने की एक पद्धति है। योग की नियमित प्रैक्टिस से नाड़ी तंत्र, मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों में सकारात्मक बदलाव आता है, जिससे व्यक्ति का मनोबल, अनुशासन और कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। योग, प्राचीन भारतीय जीवनशैली का हिस्सा रहा है और इस पद्धति का नियमित अभ्यास करके भारतवासी प्राचीन काल से ही सुखी और समृद्ध जीवन जीते आए हैं।
योग गुरु महेश अग्रवाल का योगदान
कार्यक्रम के विशेष आकर्षण, योग गुरु महेश अग्रवाल ने जवानों को योगासन, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का अभ्यास कराया और इन विधियों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महर्षि घेरांड के बताए हुए षटकर्म क्रियाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला। अग्रवाल ने बताया कि षटकर्म योग की एक ऐसी विधि है जो शरीर को शुद्ध और स्वस्थ रखने में अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जवानों से आग्रह किया कि वे अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहे और वे तनावमुक्त जीवन जी सकें।
अग्रवाल ने कहा, "योग हमारे जीवन का एक उपहार है जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। यह केवल शारीरिक गतिविधि ही नहीं है बल्कि यह एक ऐसी विधा है जो हमारे मन, शरीर और आत्मा को जोड़ती है।
जवानों के लिए योग का महत्व
इस अवसर पर ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक अविनाश शरण ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य के चलते उन्हें योग की आवश्यकता अधिक है। योग न केवल तनाव को कम करता है बल्कि यह शरीर की शक्ति और सहनशक्ति को भी बढ़ाता है। उन्होंने जवानों और उनके परिवारजनों को नियमित रूप से योग का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि योगाभ्यास के माध्यम से वे अपनी कार्यकुशलता में वृद्धि कर सकते हैं और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपना सकते हैं।
उन्होंने योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी, जिससे कि वे जीवन की कठिनाइयों का सामना दृढ़ता से कर सकें। "योग जीवन में एक ऐसा साधन है जो हमें मानसिक और शारीरिक मजबूती प्रदान करता है। यह हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।
सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं जवान हुए सहभागी
इस कार्यक्रम में सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और जवानों की उपस्थिति ने आयोजन का महत्व बढ़ा दिया। उप कमांडेंट महेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट राजकुमार, संदीप और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे और सभी ने योगाभ्यास में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी अधिकारियों ने योग गुरु महेश अग्रवाल को उनके निःशुल्क प्रशिक्षण और समाज सेवा के लिए आभार व्यक्त किया और उनकी सेवा की सराहना की।
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