भोपाल। मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में 9वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर विशेष कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय आयोग भारतीय चिकित्सा पद्धति, नई दिल्ली और आयुष मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप, इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल धन्वंतरि हवन का आयोजन हुआ, जिसमें स्वास्थ्य और ऊर्जा को बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक औषधियों से आहुतियां दी गईं। हवन के दौरान आयुर्वेद अवतरण पर डॉ. ऋतु नंदा त्रिपाठी द्वारा कविता पाठ किया गया, जिससे कार्यक्रम में एक धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण हुआ।
चिकित्सा शिविर में लोगों ने कराई जांच
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय ने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया। इस अवसर पर नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जहां आयुर्वेदिक पद्धति से लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और उचित सलाह दी गई। साथ ही, औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया ताकि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के महत्व को लोग समझ सकें और उन्हें अपने जीवन में अपनाएं।
विद्यार्थियों के बीच हुई प्रतियोगिता
इस खास दिन पर विद्यार्थियों के बीच विविध प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ। इनमें पोस्टर, जिंगल और फ्लोरा फ्यूजन प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। इन प्रतियोगिताओं में धनश्री टोंपे और भावना सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वीडियो प्रतियोगिता में रोहित जाधव और तीरेन्द्र पटले को प्रथम पुरस्कार मिला। फूड प्रतियोगिता में गीतिका, जयश्री और आकाश ने अपनी पाक-कला से प्रथम स्थान अर्जित किया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में पंकज सिन्हा ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। इन सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए, जिससे विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में मानसरोवर समूह की सीएमडी मंजुला तिवारी और सीईडी इंजीनियर गौरव तिवारी शामिल थे, जिन्होंने इस मौके पर भगवान धन्वंतरि जयंती और पांच दिवसीय दीपोत्सव की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के प्रो. चांसलर प्रो. अरुण कुमार पाण्डेय, कुलगुरू डॉ. एएस यादव, कुलसचिव डॉ. पुष्पेंद्र तिवारी, आयुर्वेद निदेशक डॉ. बाबुल ताम्रकार और अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में इन्होंने दिए योगदान
9वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस 2024 के संयोजक डॉ. मनीष लधवे ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ आयोजन समिति के सदस्य डॉ. वर्षा, डॉ. प्रदीप, डॉ. कुशल, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. शरद, डॉ. ऋतेश, डॉ. स्वाति, डॉ. राजेन्द्र, डॉ. श्रुति सिंह, डॉ. विवेक, डॉ. मनोज, डॉ. मेघराज, डॉ. एकता, डॉ. जागृति, डॉ. पूजा और डॉ. प्रियंका सहित अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बना, बल्कि आयुर्वेद की विरासत को संजोते हुए इसे आधुनिक समाज में पुनः स्थापित करने के उद्देश्य को भी सार्थकता प्रदान की। इस कार्यक्रम से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का अनुसरण स्वस्थ जीवन के लिए बेहद लाभकारी है और इस प्रकार के आयोजन आयुर्वेद के महत्व को उजागर करने में सहायक होते हैं।
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