गौमाता

गौमाता के सम्मान में पैदल मार्च, सड़कों पर उतरे गौरक्षक, आठ प्रमुख मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

गौमाता के सम्मान और संरक्षण की मांग को लेकर अखिल भारतीय सर्वदलीय गौरक्षा महाभियान समिति का अनिश्चितकालीन धरना जारी

भोपाल। अखिल भारतीय सर्वदलीय गौरक्षा महाभियान समिति द्वारा गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। समिति ने गौमाता को पशु सूची से हटाकर गौ सूची में शामिल करने, गौमाता को राज्यमाता का दर्जा देने और रेडरिंग प्लांट एवं इंसिनेटर को अलग-अलग स्थानों पर 25 से 30 किलोमीटर दूर शिफ्ट करने सहित कुल 8 मांगों को लेकर यह आंदोलन छेड़ा है।

इस धरने के 14वें दिन समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए पैदल मार्च का आयोजन किया। एमपी नगर स्थित बालाजी वाटिका हनुमान मंदिर आश्रम के पास से शुरू हुआ यह पैदल मार्च बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंचा, जहां पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्गदर्शन किया। समिति के सदस्यों को मुख्यमंत्री के निजी सचिव (पीएस) द्वारा आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और उन पर विचार किया जाएगा।


मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचने के बाद समिति के सदस्यों ने अपने ज्ञापन को सौंपा। समिति के प्रदेश अध्यक्ष गौरव मिश्रा ने इस मौके पर कहा हमारी मांगें पूरी होना सिर्फ गौमाता के सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का सवाल है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, तो हम प्रदेशव्यापी आंदोलन खड़ा करेंगे और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक गौमाता को न्याय नहीं मिल जाता।

समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पंडित ने भी आंदोलन के भविष्य की रूपरेखा पर बात करते हुए कहा अगर हमारी मांगों को अनदेखा किया गया, तो हम गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले में जाकर गौमाता के सम्मान और सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ेंगे। यह आंदोलन सिर्फ यहां तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।


गौमाता को राज्यमाता का दर्जा देने की मांग 

समिति की प्रमुख मांगों में गौमाता को राज्यमाता का दर्जा देना शामिल है। उनका कहना है कि गौमाता भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं में विशेष स्थान रखती हैं और उनका सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। समिति ने यह भी मांग की है कि गौमाता को पशुओं की सूची से हटाकर एक विशेष गौ सूची बनाई जाए, जिससे उनका अलग दर्जा स्थापित हो सके। यह कदम गौमाता के संरक्षण और उनकी महत्ता को बढ़ाने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।

रेडरिंग प्लांट और इंसिनेटर के स्थानांतरण की मांग

समिति की अन्य प्रमुख मांगों में रेडरिंग प्लांट और इंसिनेटर को शहर के विपरीत दिशा में 25 से 30 किलोमीटर दूर शिफ्ट करना शामिल है। उनका कहना है कि वर्तमान में इन दोनों संयंत्रों का एक ही स्थान पर होना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक है और यह गौमाता के प्रति अनादर को भी दर्शाता है। समिति ने जोर दिया है कि इन संयंत्रों को दूर स्थानांतरित करना जरूरी है, ताकि शहर और गौमाता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


आंदोलन का विस्तार

समिति ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगों को जल्द ही नहीं माना गया, तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा। उन्होंने राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिसमें गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले में जाकर लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। समिति के अनुसार यह आंदोलन सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा, ताकि गौमाता के प्रति सम्मान और सुरक्षा का संदेश हर नागरिक तक पहुंच सके।

समर्थन में जुटे लोग

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग समर्थन के लिए जुट रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों से लोग इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं और समिति की मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। समिति के सदस्य हर दिन धरने पर बैठे हैं और लोगों को गौमाता की महत्ता और उनके सम्मान की आवश्यकता के बारे में जागरूक कर रहे हैं। 

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