भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए लघु उद्योगों और घरेलू व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु व्यवसायियों को उनके उत्पादों की ऑनलाइन विक्रय की सुविधाएं दी जाएं, ताकि राज्य के उत्पाद देश और विदेश में भी बेचे जा सकें। साथ ही कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग को प्रदेश के लघु और सूक्ष्म उद्योगों की उन्नति के लिए एक नोडल विभाग के रूप में कार्य करने का सुझाव दिया।
देश का पहला वन-स्टॉप मार्केट प्लेस
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट और जीआई उत्पाद के लिए देश का पहला यूनिटी मॉल स्थापित करने की योजना पर जोर दिया। यह मॉल स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के प्रचार और बिक्री का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे प्रदेश के कारीगरों और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इस मॉल के माध्यम से न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उत्पादों की पहुंच बनाई जाएगी।
पर्यावरण-संवेदनशील छोटे उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण-संवेदनशील छोटे उद्योगों जैसे दोना-पत्तल निर्माण को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्लास्टिक के स्थान पर विभिन्न वनस्पतियों से उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने मूर्ति शिल्पकारों को देश के प्रसिद्ध मूर्तिकारों से प्रशिक्षण दिलवाने की व्यवस्था करने की बात कही, ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

बांस उत्पादन और शहद संग्रहण को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बांस उत्पादकों को प्रोत्साहन देने और अगरबत्ती निर्माण जैसे कुटीर उद्योगों को लाभान्वित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बांस के सघन रोपण की योजना पर भी ध्यान केंद्रित किया, जिससे नदियों के किनारे होने वाले कटाव को रोका जा सकेगा और बांस उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने शहद संग्रहण को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरों की पुष्प-नर्सरियों में शहद संग्रहण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं, जिससे शुद्ध शहद का उत्पादन हो सके और शहद संग्राहकों को आर्थिक लाभ प्राप्त हो।
महिला सशक्तिकरण और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को हैंडलूम और कुटीर उद्योगों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जाए। इसके साथ ही लाड़ली बहनों को इन कार्यों में शामिल कर उनकी आमदनी को बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। महिला व्यवसायियों के लिए साप्ताहिक महिला हाट आयोजित करने का भी प्रस्ताव दिया गया, जिसमें विभिन्न उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इस कदम से महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर में कोलकाता में होने वाले इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में प्रदेश के विभिन्न शिल्पों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस फेयर के माध्यम से मध्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलेगी और निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे।
विभाग की उपलब्धियां
बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी भी दी गई। हाथकरघा संचालनालय, रेशम संचालनालय और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड जैसे संस्थान सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विभाग ने खादी उत्पादन और शिल्पकारों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। मृगनयनी एम्पोरियम की नई शाखाएं प्रमुख शहरों में खोली जा रही हैं, जिससे स्थानीय कलाकृतियों को बढ़ावा दिया जा सके।
विभाग ने विंध्य हर्बल्स के तहत मधुमक्खी पालकों के हित में शहद प्र-संस्करण इकाई की स्थापना की है, जिससे शहद के उत्पादकों को बेहतर बाजार और आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा अगरबत्ती निर्माण से जुड़े हितग्राहियों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। बुनकर मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत भी बुनकरों को लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लघु उद्योगों और ग्रामीण व्यवसायों को प्रोत्साहन देकर राज्य की आर्थिक उन्नति को बल दिया जा सकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि लघु व्यवसायियों को ऋण और अनुदान की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलवाने के प्रयास करें।