कटनी-सिंगरौली

कटनी-सिंगरौली रेल खंड दोहरीकरण परियोजना में तेजी, स्पीड ट्रायल सफल

जोबा-मड़वासग्राम रेलखंड: डबलिंग प्रोजेक्ट के तहत सीआरएस ने किया सफल निरीक्षण

कटनी। भारतीय रेलवे अधोसंरचना के विकास के लिए कृतसंकल्पित है और इसी दिशा में पश्चिम मध्य रेल (पमरे) के तहत चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है। नई रेल लाइनों, दोहरीकरण और तिहरीकरण जैसी अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं के निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। इसी क्रम में, कटनी-सिंगरौली रेल खंड के दोहरीकरण परियोजना के तहत जोबा-मड़वासग्राम सेक्शन (7.5 किलोमीटर) का निर्माण कार्य महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय की सतत निगरानी में तेजी से हो रहा है। सोमवार को इस खंड का निरीक्षण रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मनोज अरोरा द्वारा किया गया, जिसमें 120 किमी घंटा की गति से स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

परियोजना की महत्ता और निरीक्षण

पश्चिम मध्य रेल के कटनी-सिंगरौली खंड को देश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कोल रूट माना जाता है। यह खंड कोयला यातायात के अलावा यात्री ट्रैफिक के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। जोबा-मड़वासग्राम सेक्शन का दोहरीकरण पूरा होने के साथ, इस मार्ग पर ट्रेनों की गति और संचालन में सुधार होगा, जिससे माल यातायात में तेजी आएगी और यात्रियों के लिए भी यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी।

रेल संरक्षा आयुक्त मनोज अरोरा द्वारा इस खंड का गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें स्टेशन बिल्डिंग, सिग्नलिंग सिस्टम, यार्ड्स, बड़े और छोटे पुलों, लेवल क्रॉसिंग, ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइनों और रेल ट्रैक की संरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से ध्यान दिया गया। पमरे मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एमएस हाशमी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियर और जबलपुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक इस निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।


स्पीड ट्रायल की सफलता

निरीक्षण के दौरान 120 किमी घंटा की गति से किए गए स्पीड ट्रायल में सफलता हासिल की गई। इस स्पीड ट्रायल से यह प्रमाणित हो गया है कि सेक्शन पर रेलगाड़ियों का संचालन उच्च गति से किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों और मालवाहकों को समय की बचत होगी और ट्रेनों की समयपालनता भी सुनिश्चित होगी।

परियोजना के लाभ

दोहरीकरण परियोजना के पूरे होने के बाद इस खंड पर रेलवे परिचालन में कई महत्वपूर्ण लाभ देखने को मिलेंगे। 

रेल राजस्व में वृद्धि: माल और यात्री यातायात दोनों के बढ़ने से रेलवे को राजस्व में वृद्धि होगी। कोल रूट होने के कारण इस खंड से माल यातायात में अधिक बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे रेलवे की आय में महत्वपूर्ण इजाफा होगा।

परिचालन में सुधार: रेल खंड की क्षमता में वृद्धि से ट्रेनों की समयपालनता सुनिश्चित होगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार होगा। ट्रेनों का संचालन समय पर होने से यात्री सेवाओं में भी सुधार होगा।

सुरक्षा में बढ़ोतरी: नए और आधुनिक संरक्षा उपायों के साथ, इस रेल खंड पर ट्रेनों की सुरक्षा में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, ट्रेनों का सुगम संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों और मालवाहकों की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा: रेलवे के आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह खंड उद्योगों को माल यातायात के लिए एक सुगम और सस्ती परिवहन सेवा प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को फायदा होगा और क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।

क्षमता में वृद्धि: इस रेल खंड पर दोहरीकरण से अधिक गाड़ियों का संचालन संभव हो सकेगा, जिससे यात्री और मालगाड़ियों दोनों के परिचालन में तेजी आएगी। इसके साथ ही, कोल रूट होने के नाते इस खंड की व्यस्तता को भी प्रबंधित किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में रेल परिचालन और भी सुचारू हो जाएगा।

पश्चिम मध्य रेलवे का योगदान

महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय के नेतृत्व में पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से कटनी-सिंगरौली रेल खंड के दोहरीकरण परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियर और अधिकारी इस परियोजना की गुणवत्ता और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं।

यह परियोजना रेलवे की अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों और मालवाहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है। पश्चिम मध्य रेलवे ने इस परियोजना में समय और गुणवत्ता दोनों को प्राथमिकता दी है, ताकि यह रेल खंड जल्द से जल्द पूरी तरह से तैयार होकर यात्रियों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपयोगी हो सके।

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