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मैनिट फैमिली क्लब और छात्राें ने गरबा कर भारतीय परंपराओं और संस्कृति का मनाया जश्न

मैनिट फैमिली क्लब द्वारा गरबा महोत्सव का आयोजन, नवरात्रि की जीवंतता में बंधी सामुदायिक एकता की अनूठी शाम

भोपाल। मैनिट फैमिली क्लब ने इस वर्ष नवरात्रि के पावन अवसर पर एक शानदार गरबा महोत्सव का आयोजन किया, जिसने छात्रों, शिक्षकों और उनके परिवारों को सांस्कृतिक उत्सव के साथ सामुदायिक एकता की भावना में बांध दिया। यह उत्सव संस्था के लर्निंग रिसोर्स सेंटर (एलआरसी) पोर्च में संपन्न हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने गरबा नृत्य, संगीत और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद उठाया। इस आयोजन ने न केवल नवरात्रि के पवित्र त्योहार का सम्मान किया बल्कि परिवारों और समुदाय के बीच आपसी संबंधों को भी मजबूती दी।

उत्सव, एकता और सांस्कृतिक धरोहर

नवरात्रि, जो नौ रातों तक चलने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, मां दुर्गा के दिव्य स्त्रीत्व और शक्ति का सम्मान करता है। इस पर्व में गरबा नृत्य और डांडिया रास जैसे पारंपरिक नृत्यों का विशेष महत्व होता है, जो इस आयोजन की विशेष आकर्षण थे। मैनिट फैमिली क्लब के गरबा महोत्सव में प्रतिभागियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ इन नृत्यों में हिस्सा लिया और अपने नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में लाइव संगीत, डीजे पर गरबा की धुनों पर थिरकते लोग, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा और समृद्ध व्यंजनों का स्वाद लेना शामिल था। मैनिट के छात्र और फैकल्टी सदस्य अपने परिवारों के साथ इस सांस्कृतिक पर्व का हिस्सा बने और पूरे उत्सव का आनंद लिया। इस कार्यक्रम में छात्रों के सहयोग से गरबा महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें उन्होंने उत्सव को जीवंत और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


एक अनोखी सांस्कृतिक साझेदारी

महोत्सव में उपस्थित लोगों को एक सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव हुआ, जिसमें गरबा और डांडिया नृत्य के माध्यम से भारतीय परंपराओं और संस्कृति का जश्न मनाया गया। गरबा महोत्सव की शुरुआत मां दुर्गा की पूजा और आरती के साथ हुई, जिसके बाद लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर गरबा किया। छात्रों ने जोश और उमंग के साथ डांस किया, जिससे पूरा माहौल जीवंत हो उठा। इस दौरान स्थानीय कलाकारों और छात्रों ने पारंपरिक संगीत प्रस्तुत कर उत्सव को और भी रोमांचक बना दिया।

मैनिट फैमिली क्लब की अध्यक्ष सरिता शुक्ला ने इस आयोजन को एकता और संबंधों को मजबूत करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा गरबा महोत्सव सिर्फ नवरात्रि का उत्सव नहीं है, यह हमारे समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक अवसर है। हमने सभी को इस खुशी के अवसर पर शामिल होने और एकजुटता की भावना को अपनाने के लिए आमंत्रित किया।

समुदाय में संबंधों को मजबूत करने का प्रयास

कार्यक्रम के दौरान न केवल छात्रों और शिक्षकों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया बल्कि उनके परिवारों ने भी भाग लिया। यह आयोजन सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने का एक मंच बना, जहां सभी उम्र के लोगों ने पारंपरिक नृत्य में भाग लिया और सामूहिक रूप से त्योहार की खुशियां मनाईं। गरबा और डांडिया का आयोजन पूरे समर्पण के साथ हुआ और हर एक व्यक्ति ने त्योहार का आनंद लिया।


इस महोत्सव में मैनिट फैमिली क्लब द्वारा प्रतिभागियों के लिए लाइव संगीत, पारंपरिक भोजन और विशेष व्यवस्था की गई थी। उत्सव के दौरान गरबा और डांडिया में सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पारंपरिक भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया, जो इस आयोजन का एक और आकर्षक हिस्सा था। महोत्सव में सभी के लिए प्रवेश निःशुल्क था, जिससे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों ने भाग लिया और त्योहार का हिस्सा बने।

महानगरों में परंपराओं का अद्भुत संगम

मैनिट फैमिली क्लब द्वारा आयोजित यह गरबा महोत्सव न केवल नवरात्रि का उत्सव था, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली और परंपराओं के बीच एक अद्भुत संगम का उदाहरण भी बना। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इस प्रकार के आयोजनों से लोगों को अपने व्यस्त जीवन से कुछ पल निकालकर अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिलता है। छात्रों और शिक्षकों के अलावा उनके परिवारों की भी भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि किस प्रकार महाविद्यालयों में सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां एक सामुदायिक भावना को बढ़ावा देती हैं।

आगे की राह

मैनिट फैमिली क्लब के इस प्रयास ने यह साबित कर दिया कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल परंपराओं और संस्कृतियों को जीवित रखते हैं, बल्कि लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत बनाते हैं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक था कि कैसे एक समुदाय एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान कर सकता है और एक साथ उत्सव मना सकता है।

नवरात्रि का यह गरबा महोत्सव न केवल मैनिट के छात्रों और परिवारों के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक यादगार अनुभव रहा। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाने की प्रेरणा देता है, ताकि हर कोई अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ता रहे और एकजुटता की भावना को बनाए रख सके।

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