शौर्य

शौर्य स्मारक की आठवीं वर्षगांठ पर देशभक्ति गीतों से गूंजा मुक्ताकाश मंच

स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा किया गया विशेष कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल। शौर्य स्मारक की आठवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह समारोह देश के वीर सैनिकों और शहीदों की अमर गाथाओं को समर्पित था। इस अवसर पर थ्री ईएमई सेंटर और सातवीं गढ़वाल राइफल के लगभग 35 से अधिक सैनिक कलाकारों ने मिलिट्री बैंड के माध्यम से देशभक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं, जिसने शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों ने जोश और गर्व के साथ कलाकरों का तालियों से स्वागत किया।

शौर्य स्मारक का यह आयोजन भारत के उन शूरवीरों को समर्पित था, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ब्रास, जैज और पाइप बैंड की धुनों से हुई, जिसने उपस्थित लोगों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया। बैंड ने भारत हमको जान से प्यारा है..., ऐ मालिक तेरे बंदे हम..., जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया..., तेरी मिट्टी में मिल जावां..., कंधों से मिलते हैं कंधे..., दिल दिया है जान भी देंगे..., संदेशे आते हैं..., ऐ मेरे वतन के लोगों..., जय हो..., कदम-कदम बढ़ाए जा... और सारे जहां से अच्छा..., जैसे कई लोकप्रिय देशभक्ति गीतों को अपनी अनूठी शैली में प्रस्तुत किया।

इन देशभक्ति गीतों ने न केवल उपस्थित लोगों को भावुक किया, बल्कि उन्हें अपने देश के प्रति गर्व और आभार से भर दिया। कार्यक्रम में सेना के जवान, गणमान्य नागरिक और कला रसिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने इस अवसर को और भी भव्य बना दिया। शौर्य स्मारक का यह विशेष आयोजन एक अद्वितीय अवसर था, जहां देशभक्ति की भावना और सैनिकों के प्रति सम्मान एक साथ प्रदर्शित किए गए।


मिलिट्री बैंड की सुमधुर प्रस्तुति

मिलिट्री बैंड द्वारा प्रस्तुत किए गए देशभक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को ओज और उत्साह से भर दिया। तेरी मिट्टी में मिल जावां ... और संदेशे आते हैं..., जैसे गीतों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया, जबकि जय हो... और कदम-कदम बढ़ाए जा..., जैसे गीतों ने जोश और प्रेरणा का संचार किया। यह बैंड प्रस्तुति न केवल संगीत का एक अद्भुत प्रदर्शन था, बल्कि देश के प्रति निष्ठा और सम्मान को प्रकट करने का एक अनूठा तरीका भी था।

प्रस्तुति के दौरान हर गीत में कलाकारों ने अपनी ऊर्जा और समर्पण से एक ऐसा माहौल बनाया, जहां हर कोई देश की महानता और उसके वीरों के प्रति कृतज्ञता महसूस कर रहा था। सारे जहां से अच्छा..., जैसे गीतों ने उपस्थित लोगों को गर्व से भर दिया, जबकि ऐ मेरे वतन के लोगों..., ने शहीदों की याद में आंखों में आंसू ला दिए।

देश के वीरों को समर्पित

शौर्य स्मारक, भोपाल का यह ऐतिहासिक स्थल, देश के उन वीर सपूतों की स्मृति में बनाया गया है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की। इस स्मारक की वर्षगांठ समारोह हर साल देशभक्ति के इस जज्बे को और मजबूत करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस साल के आयोजन में मिलिट्री बैंड की प्रस्तुतियों ने इस समारोह को एक नई ऊंचाई दी।

सेना के जवानों द्वारा दी गई ये प्रस्तुतियां उन सैनिकों के साहस, समर्पण और देशप्रेम की याद दिलाती हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मातृभूमि की रक्षा की। यह आयोजन उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जो हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।


प्रस्तुतियों से जोश और गर्व का संचार 

कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों में सेना के जवान, अधिकारी, कला प्रेमी और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल थे। इन प्रस्तुतियों ने जहां श्रोताओं के दिलों को देशभक्ति की भावना से भर दिया, वहीं उन्होंने हमारे वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता भी प्रकट की। प्रत्येक गीत के अंत में दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का स्वागत किया, जो इस बात का प्रतीक था कि यह प्रस्तुति श्रोताओं के दिलों में गहरे उतर गई थी।

इस अवसर पर शहीदों की स्मृति को नमन करते हुए सेना के जवानों और कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से देशभक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम न केवल सैनिकों के बलिदान को याद करने का एक अवसर था, बल्कि उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक विशेष क्षण था, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।


शौर्य स्मारक का महत्त्व 

भोपाल स्थित शौर्य स्मारक न केवल एक स्मारक है, बल्कि यह देश के उन वीर जवानों की गाथाओं का एक जीवंत प्रतीक भी है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। हर साल इस स्मारक की वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले इस तरह के कार्यक्रमों से देश के जवानों और शहीदों के प्रति हमारी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया जाता है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा के रूप में कार्य करता है और उन्हें देशभक्ति और निष्ठा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

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