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मैनिट में नवनियुक्त संकायों के लिए प्रेरण सत्र, शिक्षण और शोध संस्कृति की नई शुरुआत

मैनिट में नवनियुक्त संकाय सदस्यों के लिए प्रेरण कार्यक्रम

भोपाल। आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) ने अपने नवनियुक्त संकाय सदस्यों के लिए एक विशेष प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थान के सीनेट हॉल में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए संकाय सदस्यों को संस्थान के शैक्षणिक माहौल, अनुसंधान संस्कृति और भविष्य की दृष्टि से परिचित कराना था। यह आयोजन न केवल नए शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उन्हें संस्थान की मूलभूत शिक्षण परंपराओं और अनुसंधान नीतियों को समझने का अवसर भी मिला। 

यह प्रेरण कार्यक्रम न केवल नवनियुक्त संकाय सदस्यों के लिए एक नई शुरुआत थी, बल्कि यह मैनिट, भोपाल की शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम था। संस्थान का यह प्रयास शिक्षकों को एक प्रभावी शिक्षण अनुभव प्रदान करने और छात्रों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा। मैनिट अपने शिक्षकों और छात्रों के लिए निरंतर उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक और अनुसंधान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य अतिथि प्रो. आईके भट का प्रेरणादायक सत्र

इस अवसर के विशिष्ट मुख्य अतिथि प्रो. आईके भट, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर के पूर्व निदेशक थे। प्रो. भट ने अपने विशाल शिक्षण अनुभव को साझा करते हुए नवनियुक्त संकाय सदस्यों के लिए एक ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक शिक्षक न केवल छात्रों के बौद्धिक विकास में बल्कि उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अपने संबोधन में प्रो. भट ने कहा कि नवीन शिक्षण पद्धतियों, छात्र जुड़ाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को संवारने में संकाय सदस्यों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने अनुसंधान, सहयोग और निरंतर ज्ञान खोज के महत्व पर प्रकाश डाला, जो संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। प्रो. भट ने नवनियुक्त शिक्षकों को छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने और शिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षण और अनुसंधान में उत्कृष्टता पर जोर

कार्यक्रम में प्रो. भट ने उभरते हुए शैक्षणिक परिदृश्य और उच्च शिक्षा संस्थानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में प्रौद्योगिकी और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों को खुद को निरंतर अपडेट रखना आवश्यक है। शिक्षकों को नई तकनीकों और शोध प्रवृत्तियों के साथ तालमेल बैठाना होगा ताकि वे छात्रों को समकालीन ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर सकें।

संस्थान की नीतियों और संसाधनों पर सत्र

इस प्रेरण कार्यक्रम के तहत विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिसमें शैक्षणिक नीतियों, व्यावसायिक विकास और परिसर संसाधनों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इन सत्रों में मैनिट के वरिष्ठ संकाय सदस्यों और प्रशासकों ने भी भाग लिया और संस्थान के मूल्यों, शोध पहलों और छात्र कल्याण कार्यक्रमों पर अपने विचार साझा किए।

वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने नए शिक्षकों को संस्थान के शोध अवसरों, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैनिट न केवल शिक्षण और अनुसंधान में उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान देता है।

नए संकाय सदस्यों का उत्साह और प्रतिक्रिया

नवनियुक्त संकाय सदस्यों ने इस प्रेरण कार्यक्रम को लेकर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल शिक्षण कार्य में मार्गदर्शन करने में सहायक रहा, बल्कि संस्थान की कार्यप्रणाली को समझने का भी शानदार अवसर मिला।

अनेक नए संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम के व्यावहारिक सत्रों को बेहद उपयोगी बताया और शिक्षा जगत के प्रतिष्ठित नेताओं के साथ संवाद करने का अवसर देने के लिए संस्थान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रेरण सत्र ने उन्हें एक नई ऊर्जा और दृष्टिकोण प्रदान किया है, जिससे वे अपने शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बना सकेंगे।

कार्यक्रम समन्वयकों का योगदान

इस सफल कार्यक्रम का समन्वयन मैनिट के प्रो. अलका भारत, प्रो. माधवी शाक्य और प्रो. राहुल तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी रूप से संचालित किया, जिससे सभी प्रतिभागियों को अधिकतम लाभ मिल सका।

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