रंग

रंग संवाद’ और ‘बृज की रसोई’ को मिला इंडियन फेडरेशन ऑफ पब्लिशर्स का राष्ट्रीय सम्मान

नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान साहित्य अकादमी के निदेशक के. श्रीनिवास राव ने अवॉर्ड किया प्रदान

भोपाल। नई दिल्ली स्थित फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स ने आईसेक्ट पब्लिकेशन की दो प्रमुख कृतियों – लेखिका डॉ. विनीता चौबे की पुस्तक "बृज की रसोई" और कला एवं संस्कृति पर आधारित पत्रिका "रंग संवाद" को उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए सम्मानित किया। यह अवॉर्ड साहित्य अकादमी के निदेशक के. श्रीनिवास राव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। इस महत्वपूर्ण पुरस्कार को आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक महीप निगम ने प्राप्त किया, जो संगठन के लिए गर्व की बात है।

आईसेक्ट पब्लिकेशन का उत्कृष्ट प्रकाशन के क्षेत्र में योगदान

आईसेक्ट पब्लिकेशन ने साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। 'बृज की रसोई' और 'रंग संवाद' जैसी कृतियां इस संस्थान की समर्पित और उच्चस्तरीय संपादन शैली का प्रमाण हैं। 'रंग संवाद' पत्रिका पिछले कई वर्षों से कला, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण चर्चा और संवाद को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इसके संपादक विनय उपाध्याय, जो पिछले डेढ़ दशक से इस पत्रिका का संपादन कर रहे हैं, उन्होंने इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक पत्रिका के रूप में स्थापित किया है।

आईसेक्ट पब्लिकेशन के चेयरमैन संतोष चौबे ने इस अवसर पर पूरी टीम को बधाई दी और प्रकाशन जगत में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि 'रंग संवाद' पत्रिका को लगातार तीसरे वर्ष निर्णायक ज्यूरी द्वारा श्रेष्ठ संपादन और प्रकाशन की श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि आईसेक्ट पब्लिकेशन न केवल उत्कृष्ट साहित्यिक सामग्री प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

'रंग संवाद' की विशेषता और अंतर्राष्ट्रीय पहचान

'रंग संवाद' केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और साहित्य की एक समृद्ध विरासत को संजोने वाला मंच है। यह पत्रिका 35 से भी अधिक देशों में प्रसारित होती है, जो इसकी वैश्विक पहचान और लोकप्रियता को दर्शाती है। प्रधान संपादक संतोष चौबे का मानना है कि 'रंग संवाद' हिन्दी में सांस्कृतिक पत्रकारिता को रचनात्मक गति देने और सुरूचिपूर्ण वातावरण का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस पत्रिका के माध्यम से उन्होंने कला और साहित्य के प्रति नई पीढ़ी में रुचि जागृत करने का प्रयास किया है, जो आने वाले समय में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और समृद्ध करेगा।

'रंग संवाद' के सहायक संपादक, मुदित श्रीवास्तव और तकनीकी समन्वयक अमीन उद्दीन शेख, ने भी पत्रिका के संपादन और तकनीकी गुणवत्ता को उत्कृष्ट बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पत्रिका का कंटेंट न केवल गहन और विचारशील होता है, बल्कि इसकी प्रस्तुति भी बेहद आकर्षक और पाठकों के लिए प्रेरणादायक होती है।

'बृज की रसोई' की अनोखी लोकप्रियता

लेखिका डॉ. विनीता चौबे की पुस्तक 'बृज की रसोई' को भी इस समारोह में विशेष रूप से सराहा गया। इस पुस्तक ने भारतीय रसोई की समृद्ध परंपराओं को जीवंत किया है और पाठकों को बृज क्षेत्र की अनूठी रसोई से परिचित कराया है। डॉ. चौबे ने बृज की पारंपरिक व्यंजनों और उनके सांस्कृतिक महत्व को बेहद सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया है, जिससे यह पुस्तक लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गई है।

'बृज की रसोई' केवल एक कुकबुक नहीं है, बल्कि इसमें बृज के व्यंजनों के साथ उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों का भी वर्णन किया गया है। यह पुस्तक भारतीय खानपान की समृद्ध परंपरा को संजोने का एक उत्कृष्ट प्रयास है और इसका प्रभाव न केवल भारत में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जा रहा है।

आईसेक्ट पब्लिकेशन की निरंतर सफलता

आईसेक्ट पब्लिकेशन को अब तक विभिन्न श्रेणियों में 11 पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें जनरल बुक, चिल्ड्रेन बुक, पत्रिका, कैटलॉग और कॉफी टेबल बुक जैसी श्रेणियां शामिल हैं। महीप निगम ने बताया कि यह संस्थान निरंतर उच्च स्तरीय प्रकाशन की दिशा में काम कर रहा है और इस पुरस्कार ने इसे और अधिक प्रेरित किया है। लगातार चौथे वर्ष आईसेक्ट पब्लिकेशन को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स द्वारा उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए सम्मानित किया गया है, जो इसकी गुणवत्ता और समर्पण का प्रमाण है।

समारोह और भविष्य की दिशा

इस समारोह में आईसेक्ट पब्लिकेशन की टीम को मिली सराहना ने यह साबित कर दिया है कि यह संगठन साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रभाव डाल रहा है। संतोष चौबे ने सभी लेखकों, संपादकों और प्रकाशन टीम को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में आईसेक्ट पब्लिकेशन नई ऊंचाइयों को छूएगा।

इस तरह के आयोजनों से न केवल साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उच्च स्तरीय कार्यों को पहचान मिलती है, बल्कि यह नए लेखकों और संपादकों को भी प्रेरित करता है। आईसेक्ट पब्लिकेशन ने अपने प्रकाशनों के माध्यम से न केवल भारत बल्कि विश्व भर में अपनी पहचान बनाई है और यह सम्मान इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

India News Vista
115

Newsletter

Subscribe to our newsletter for daily updates and stay informed

Feel free to opt out anytime
Get In Touch

+91 99816 65113

[email protected]

Follow Us

© indianewsvista.in. All Rights Reserved.