भोपाल। टेक्स लॉ बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक स्टडी सर्किल बैठक में जीएसटी विशेषज्ञ सीए नवनीत गर्ग ने 54वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए निर्णयों और उनके व्यापारियों पर पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस बैठक में व्यापारियों, पेशेवरों और कर विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां जीएसटी में हालिया बदलावों और अदालती फैसलों के प्रभावों की गहन चर्चा की गई।
बैठक के दौरान, सीए नवनीत गर्ग ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो व्यापारियों को प्रभावित करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक मेटल स्क्रैप की खरीद पर जीएसटी का नया प्रावधान था। अभी तक, टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) केवल सरकारी विभागों के लिए ही लागू था, लेकिन अब पंजीकृत व्यापारी, जो मेटल स्क्रैप खरीदते हैं, उन्हें भी 2 प्रतिशत टीडीएस काटना होगा। यह नया नियम व्यापारियों के लिए एक अतिरिक्त जिम्मेदारी लाएगा, जिससे उन्हें अधिक कागजी कार्रवाई और अनुपालन की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा, कमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी नया नियम लागू हुआ है। यदि कोई पंजीकृत व्यवसायी किसी अपंजीकृत मकान मालिक से कमर्शियल प्रॉपर्टी किराए पर लेता है, तो उसे रिवर्स चार्ज पर जीएसटी जमा करना होगा। यह नियम व्यापारियों के लिए एक अतिरिक्त बोझ हो सकता है, क्योंकि इससे उनकी जीएसटी देनदारियों में वृद्धि हो सकती है और अनुपालन प्रक्रियाएं भी जटिल हो सकती हैं।
बैठक में चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि काउंसिल की बैठक में वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 की बकाया मांगों के संबंध में ब्याज और पेनल्टी में छूट देने की योजना लाई गई थी। यह योजना 1 नवंबर से लागू होगी और व्यापारियों को 31 मार्च 2025 तक बकाया राशि जमा करने का समय मिलेगा। इससे व्यापारियों को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत कितनी प्रभावी होगी, यह देखने वाली बात होगी।
सीए नवनीत गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट के चर्चित सफारी रिट्रीट प्रकरण पर भी चर्चा की, जिसमें कोर्ट ने कमर्शियल बिल्डिंग पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की छूट के बारे में निर्णय दिया था। हालांकि, यह निर्णय व्यापारियों को सीमित राहत प्रदान करता है, क्योंकि इसे कई शर्तों और जांच के बाद लागू किया जाएगा। गर्ग ने कहा कि व्यापारियों को इस फैसले से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसका फायदा केवल कुछ विशेष मामलों में ही मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण स्टडी सर्किल बैठक में टेक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृदुल आर्य, उपाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल, सचिव मनोज पारख, कोषाध्यक्ष धीरज अग्रवाल, सहसचिव संदीप चौहान और वरिष्ठ सदस्य शंकर वसंता, हेमंत जैन, विकास अग्रवाल आदि उपस्थित थे। इन सभी ने बैठक में चर्चा किए गए मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए जीएसटी के मुद्दों पर सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
जीएसटी काउंसिल की बैठक और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से व्यापारियों के लिए कुछ नई चुनौतियां सामने आई हैं। मेटल स्क्रैप की खरीद पर टीडीएस, कमर्शियल प्रॉपर्टी पर रिवर्स चार्ज और सफारी रिट्रीट प्रकरण में आईटीसी की सीमित छूट, व्यापारियों के लिए अनुपालन में कठिनाइयां ला सकती हैं। हालांकि, ब्याज और पेनल्टी में छूट के प्रावधान व्यापारियों को कुछ राहत प्रदान कर सकते हैं। व्यापारियों को इन नए प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपने कारोबार की योजनाओं में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
इस बैठक ने व्यापारियों को जीएसटी के जटिल नियमों और अदालती फैसलों के प्रभावों को समझने का एक अच्छा अवसर प्रदान किया, जिससे वे भविष्य में अपने कर अनुपालन को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकें।
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