भोपाल। राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2024 का समापन समारोह वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 7 अक्टूबर को सम्पन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग 2650 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अपना योगदान दिया।
समारोह की शुरुआत वन्यजीव संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर जोर देने वाले कार्यक्रमों से हुई। प्रमुख वक्ताओं में अपर मुख्य सचिव, वन विभाग के अशोक वर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) वीएन अंबाडे शामिल थे, जिन्होंने सप्ताह भर चले इस आयोजन की सफलताओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर 'बायोडायवर्सिटी क्विज' पोस्टर, 'बर्ड्स ऑफ कान्हा' पुस्तक और 'मध्य प्रदेश की सामान्य तितलियां' जैसे महत्वपूर्ण साहित्य का विमोचन किया गया। इन पुस्तकों का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति आम जनता को जागरूक करना और पर्यावरण के साथ उनके संबंधों को मजबूत करना था।
महत्वपूर्ण पुरस्कार और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान, वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों को पुरस्कृत किया गया। राज्यपाल महोदय ने विशेष रूप से 2024 में वन्यजीव संरक्षण में उल्लेखनीय कार्यों के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए। सहायक संचालक, वन विहार, एसके सिन्हा को भी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को अपनाना चाहिए, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से वन्यजीव संरक्षण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं में बच्चों का उत्साह
वन्यजीव सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें चित्रकला, फोटोग्राफी, फेस पेंटिंग, रंगोली, वाद-विवाद, मेहंदी, कथा वाचन और टोडलर वॉक प्रमुख रहीं। इन गतिविधियों में लगभग 1650 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपनी कला व ज्ञान के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझा। समापन अवसर पर आयोजित टोडलर वॉक में कक्षा नर्सरी से पहली कक्षा तक के बच्चों ने 'वन्यजीव' विषय पर अपनी रुचि और ज्ञान का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही फेस पेंटिंग प्रतियोगिता ने भी विशेष आकर्षण बटोरा, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों के छात्रों ने हिस्सा लिया।
सृजनात्मक कार्यशालाओं का आयोजन
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम के अंतर्गत सृजनात्मक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में पक्षी अवलोकन शिविर, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, वॉक थ्रू-एग्जिबिशन और 'टाइगर टॉक' जैसी रोचक गतिविधियां शामिल थीं। इन कार्यक्रमों में शामिल प्रतिभागियों ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को समझा और इसके लिए ठोस प्रयास करने का संकल्प लिया।
विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए पुरस्कार
वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वालों में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागी शामिल थे, जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर, वन विहार के निदेशक मीना अबधेशकुमार शिवकुमार ने सभी प्रतिभागियों, गणमान्य अतिथियों और मीडिया का आभार व्यक्त किया।
महामहिम की अपील और भविष्य की दिशा
अपने समापन संबोधन में राज्यपाल ने वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जो सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि आम जनता की भी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे पर्यावरण के साथ जुड़ाव बनाए रखें और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
समारोह का सफल आयोजन यह साबित करता है कि समाज के हर वर्ग में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और आने वाले समय में इसे और मजबूती मिलेगी।
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