भोपाल। भोपाल हाट परिसर में मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग और मध्य प्रदेश ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 27 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित "राष्ट्रीय खादी महोत्सव" ने प्रदेश और देश के कुटीर उद्योग से जुड़े व्यापारियों और हस्तशिल्पकारों को एक विशेष मंच प्रदान किया है। इस महोत्सव में खादी के वस्त्रों और सजावट की सामग्री की प्रदर्शनी और विक्रय के अलावा, रोजाना मनोरंजन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका आनंद मेला में आने वाले व्यक्ति और व्यापारी दोनों उठा रहे हैं।
ग्रुप ने अपनी 134वीं दी प्रस्तुति
इसी कड़ी में 5 अक्टूबर को सुर शंकरा म्यूजिकल ग्रुप द्वारा एक घंटे की संगीतमयी प्रस्तुति ने दर्शकों को संगीत की मधुर लहरों में डुबो दिया। यह ग्रुप अपनी 134वीं प्रस्तुति देने के लिए महोत्सव में शामिल हुआ था। इस प्रस्तुति की एंकरिंग संभागीय अध्यक्ष आयशा खान ने बखूबी निभाई, जबकि लेपटॉप ऑपरेटिंग की जिम्मेदारी बेबी अलीजा खान ने संभाली और वीडियोग्राफी का कार्य कप्तान बीएल रायकवार ने किया।
सदाबहार गीतों से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत बेबी अलीजा खान ने पुराने लोकप्रिय गाने "झुमका गिरा रे" से की, जिसे सुनकर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया। इसके बाद, ग्रुप के सिंगर बीएल रायकवार ने अपनी मधुर आवाज में "सांसों की ज़रूरत है जैसे" प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। सिंगर मीना पुरोहित ने "वो हसीन दर्द दे दो" गीत से माहौल में एक अलग ही रंग भर दिया, जबकि सिंगर आयशा खान ने "अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी" गीत से दर्शकों के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम में इसरार खान ने "लाई वी न गई" गाने से अपनी गायन प्रतिभा का परिचय दिया, तो वहीं सुरेश गर्ग ने "दीवाना मुझसा नहीं" गाकर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।
जन्म-जन्म का साथ... गीत के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन की विशेष प्रस्तुति सुर शंकरा ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष सुरेश गर्ग द्वारा दी गई, जिन्होंने एंकर आयशा खान के साथ मिलकर टाइटल गीत "आजा सनम मधुर चांदनी में हम" प्रस्तुत किया। इस भावुक और रूमानी गीत ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। समापन गीत के रूप में "जन्म- जन्म का साथ है हमारा" गाकर इस संगीतमयी शाम का समापन किया गया।
यादगार सांस्कृतिक शाम
सुर शंकरा म्यूजिकल ग्रुप की इस शानदार प्रस्तुति ने न केवल राष्ट्रीय खादी महोत्सव में मौजूद लोगों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि इसे एक यादगार सांस्कृतिक शाम भी बना दिया। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश गर्ग ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग और ग्रामोद्योग बोर्ड भोपाल को इस अवसर के लिए धन्यवाद देते हुए सभी दर्शकों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
प्रतिभा दिखाने का मिला मंच
इस तरह के आयोजन न केवल खादी के वस्त्रों और कुटीर उद्योग से जुड़े उत्पादों के प्रचार-प्रसार का साधन बनते हैं, बल्कि संस्कृति, कला और मनोरंजन का अद्भुत संगम भी प्रस्तुत करते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में न केवल खादी और कुटीर उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मंच भी मिलता है।
प्रस्तुति ने जीता श्रोताओं का दिल
राष्ट्रीय खादी महोत्सव में सुर शंकरा म्यूजिकल ग्रुप की इस प्रस्तुति ने जहां श्रोताओं का दिल जीता, वहीं यह मेला खादी उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता और देश की हस्तशिल्प परंपरा के संरक्षण का एक प्रमुख साधन बन गया।
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