भोपाल। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट और एमपी पुलिस कम्युनिटी पुलिसिंग विंग ने आंचलिक विज्ञान केंद्र के सहयोग से 26 सितंबर को 'रिविजनिंग फ्यूचर्स: युवा कनेक्ट प्रोग्राम्स' का शुभारंभ किया गया। इस मेगा कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर लड़कियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक करना और उन्हें नए अवसरों से जोड़ना है। इस पहल के तहत ‘सृजन’ बैनर के तहत कई चरणों में बच्चों को साइंस सेंटर में एक्सपोजर विजिट पर लाया जाएगा, जिससे वे विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को समझ सकें और उनके प्रति रुचि जागृत हो सके।
उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ आंचलिक विज्ञान केंद्र के ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में रश्मी अरुण शमी, आईएएस, प्रमुख सचिव, खाद्य विभाग, मप्र शासन और अध्यक्षा, स्थानीय सलाहकार समिति, उपस्थित रहीं। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने बच्चों को विज्ञान के प्रति उत्सुकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को विज्ञान केंद्र जैसे स्थानों पर नियमित भ्रमण करना चाहिए, जहां वे खोज और मनोरंजन के माध्यम से (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) की जटिल अवधारणाओं को समझ सकते हैं।
बच्चों को विज्ञान से जुड़ने और उसे समझने के लिए ऐसी पहलें बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह कार्यक्रम कमजोर वर्गों के बच्चों, खासकर लड़कियों के लिए एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे विज्ञान की दुनिया को करीब से देख सकेंगे और इसमें अपने भविष्य को आकार देने के बारे में सोच सकेंगे।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में कई अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। उनमें से प्रमुख थे डॉ. विनीत कपूर, पीएसओ, डीजीपी एवं डीआइजी एमपी पुलिस, पंकज श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध), चंद्रशेखर शर्मा, सीजीएम, एसबीई, एमपी-सीजी, प्रियंका शुक्ला, डीसीपी जोन एक और साकेत सिंह कौरव, परियोजना समन्वयक, आंचलिक विज्ञान केंद्र। इसके अलावा, नेहरू विज्ञान केंद्र, मुंबई के निदेशक उमेश कुमार ने भी वर्चुअल मोड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इस कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम का महत्व और उद्देश्य
'रिविजनिंग फ्यूचर्स: युवा कनेक्ट प्रोग्राम्स' का उद्देश्य विज्ञान के प्रति बच्चों में रुचि बढ़ाना है, विशेष रूप से समाज के उन वर्गों के बच्चों में जिनके पास संसाधनों की कमी है। एमपी पुलिस और आंचलिक विज्ञान केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का एक बड़ा लक्ष्य STEM शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और अन्य तकनीकी विषयों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम की एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह बच्चों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से विज्ञान की समझ विकसित करने का अवसर देगा। वे वैज्ञानिक उपकरणों और प्रयोगों का अनुभव करेंगे, जिससे उनका शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण बदलेगा। विशेष रूप से लड़कियों को इस कार्यक्रम में विशेष महत्व दिया गया है, ताकि उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके कि वे भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अपना करियर बना सकें।
कार्यक्रम के दौरान की जाने वाली गतिविधियां
'रिविजनिंग फ्यूचर्स: युवा कनेक्ट प्रोग्राम्स' के तहत बच्चों को आंचलिक विज्ञान केंद्र में विभिन्न चरणों में लाया जाएगा, जहां वे विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को करीब से जानेंगे। इस कार्यक्रम में बच्चों के लिए STEM शिक्षा से जुड़ी कई इंटरैक्टिव और एक्सपेरिमेंटल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सभी गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनाना और उन्हें यह दिखाना है कि विज्ञान केवल पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्हें दिखाया जाएगा कि विज्ञान की समझ से कैसे वे अपने आस-पास की दुनिया को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और समाज में बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम की अवधि और समापन समारोह
यह मेगा कार्यक्रम 26 जनवरी 2025 को 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर समापन समारोह के साथ समाप्त होगा। इस बीच, विभिन्न चरणों में बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में रुचि जगाने और उन्हें प्रेरित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह में भी विशेष अतिथियों की उपस्थिति रहेगी और पूरे कार्यक्रम के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
एमपी पुलिस की अनूठी पहल
'रिविजनिंग फ्यूचर्स: युवा कनेक्ट प्रोग्राम्स' एमपी पुलिस की एक महत्वाकांक्षी और अनूठी पहल है। यह कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगा, खासकर उन बच्चों के लिए जो समाज के कमजोर वर्गों से आते हैं। यह पहल पुलिस के मानवीय पहलू को भी सामने लाती है, जो केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विकास और उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
एमपी पुलिस की यह पहल न केवल बच्चों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ करेगी। पुलिस अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन और इसे बड़े स्तर पर लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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