डाक

डाक टिकट प्रदर्शनी में दर्शकों ने देखे 200 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों का दुर्लभ संग्रह

भारतीय डाक विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी भोपालपेक्स-2024 का हुआ समापन

भोपाल। भारतीय डाक विभाग के भोपाल संभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘भोपालपेक्स - 2024’ का शुक्रवार को समापन हुआ। प्रदर्शनी की मुख्य थीम ‘विकसित भारत’ थी, जो भारत सरकार द्वारा जारी वर्ष 2024 के कैलेंडर "हमारा संकल्प: विकसित भारत" से प्रेरित थी। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न दुर्लभ डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे स्कूली छात्र-छात्राओं, गणमान्य नागरिकों और डाक टिकट संग्राहकों ने बड़ी संख्या में देखा और सराहा।

प्रदर्शनी में विशेष कवर का विमोचन

प्रदर्शनी के दौरान, शिक्षा क्षेत्र में प्रतिष्ठित मध्यभारत की सेज यूनिवर्सिटी पर एक विशेष कवर जारी किया गया। इस विशेष कवर का विमोचन भारतीय डाक के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर, पोस्टमास्टर जनरल जबलपुर परिक्षेत्र ब्रजेश कुमार, डाक सेवाओं के निदेशक पवन कुमार डालमिया, भोपाल डाक संभाग प्रमुख जेएस राजपूत, सेज ग्रुप की कार्यकारी निदेशक शिवानी अग्रवाल और भोपाल के प्रमुख फिलाटेलिस्ट अरविन्द खोडके और एसएच खान की उपस्थिति में किया गया।


विशेष कवर जारी करने का मुख्य उद्देश्य उन महत्वपूर्ण विभूतियों और संस्थानों को सम्मानित करना था जिन्होंने शिक्षा और समाज के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है। सेज यूनिवर्सिटी के सम्मान में जारी किए गए कवर को उपस्थित लोगों द्वारा सराहा गया और यह आयोजन सेज यूनिवर्सिटी के गौरवशाली योगदान को रेखांकित करने का अवसर बना।

प्रदर्शनी का आयोजन और भागीदारी

'भोपालपेक्स - 2024' प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर आधारित डाक टिकटों का अनूठा संग्रह प्रदर्शित किया गया। इसमें भारत और विश्व की महत्वपूर्ण घटनाओं, प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों, राष्ट्रीय ध्वजों और अंतरिक्ष अभियानों से संबंधित डाक टिकटों का संग्रह था। प्रदर्शनी में 200 देशों के राष्ट्रीय ध्वज, 1948 के गांधी जी पर आधारित चार दुर्लभ स्टैम्प, विभिन्न देशों के रेल इंजनों की डाक टिकटें, आजाद हिंद फौज के संबंध में विशेष डाक टिकट, भोपाल एस्टेट से संबंधित सैकड़ों वर्ष पुराने पोस्टकार्ड, और बुद्धा के जन्मस्थान से निर्वाण तक के स्टैम्प शामिल थे।

इसके अलावा 1962 से 2024 तक के भारत के अंतरिक्ष अभियानों पर आधारित डाक टिकट, मेजर ध्यानचंद से लेकर मनु भाकर तक के ओलंपिक विजेताओं के सम्मान में जारी कवर और कैंसिलेशन की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इस विविधता ने दर्शकों को डाक टिकट संग्रहण की दुनिया के अद्भुत और ज्ञानवर्धक पहलुओं से परिचित कराया।


प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण 

डाक विभाग ने स्कूली बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया। इन प्रतियोगिताओं में निबंध लेखन, स्टैम्प डिजाइनिंग और प्रश्नमंच शामिल थे, जिसमें भोपाल के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को समापन समारोह में पुरस्कृत किया गया। प्रदर्शनी के दौरान, डाक टिकट संग्रहकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए सर्वश्रेष्ठ संग्रहों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। डाक विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।


मुख्य अतिथि का संबोधन

समापन समारोह में मुख्य अतिथि विनीत माथुर ने फिलाटेली (डाक टिकट संग्रहण) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल डाक टिकट संग्रहण की लोकप्रियता को बढ़ाते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि देश और समाज की महत्वपूर्ण घटनाओं, व्यक्तियों और संस्थानों की स्मृतियां पीढ़ियों तक जीवित रहें।

श्री माथुर ने ‘भोपालपेक्स-2024’ के सफल आयोजन के लिए भोपाल संभाग को बधाई दी और कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में फिलाटेली की रुचि को पुनर्जीवित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोगों को इस विधा से जोड़ने के लिए नियमित अंतराल पर इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है।

प्रदर्शनी के उद्देश्य और सार्थकता

भोपालपेक्स-2024 का मुख्य उद्देश्य फिलाटेली के महत्व को उजागर करना और इसे जनमानस के बीच लोकप्रिय बनाना था। इस तरह की प्रदर्शनी से न केवल डाक टिकट संग्रहण के प्रति लोगों की रुचि बढ़ती है, बल्कि यह देश की धरोहर और इतिहास को संरक्षित रखने में भी सहायक है।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित डाक टिकटों और कवरों ने दर्शकों को भारतीय डाक विभाग की विविधता, कला और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया। यह आयोजन न केवल डाक टिकट संग्रहकों के लिए, बल्कि स्कूली छात्रों और आम जनता के लिए भी बेहद शिक्षाप्रद और रोचक रहा।


दुर्लभ डाक टिकटों का अनूठा संग्रह 

भोपालपेक्स-2024 का यह दो दिवसीय आयोजन डाक टिकट संग्रहण की अद्वितीय दुनिया में एक झलक प्रदान करता है। भारत और विश्व के दुर्लभ डाक टिकटों का अनूठा संग्रह और स्कूली छात्रों की भागीदारी ने इस प्रदर्शनी को एक महत्वपूर्ण आयोजन बना दिया।

इस प्रदर्शनी ने यह साबित कर दिया कि डाक टिकट संग्रहण न केवल एक शौक है, बल्कि यह देश और समाज की संस्कृति, इतिहास और विकास को संजोने का एक अनमोल जरिया भी है।

India News Vista
157

Newsletter

Subscribe to our newsletter for daily updates and stay informed

Feel free to opt out anytime
Get In Touch

+91 99816 65113

[email protected]

Follow Us

© indianewsvista.in. All Rights Reserved.