भोपाल। टेक्स ला बार एसोसिएशन ने अपने सदस्यों के लिए एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया, जिसे युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य श्रीवास्तव ने संबोधित किया। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य 54वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद जारी किए गए नए नोटिफिकेशन और सर्कुलर के बारे में व्यापारिक समुदाय को जागरूक करना था। वर्कशॉप में व्यापारियों और कर सलाहकारों को विशेष रूप से उन प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई जो 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के दौरान लगाई गई ब्याज और शास्ती में छूट से संबंधित हैं।
आदित्य श्रीवास्तव ने वर्कशॉप के दौरान यह स्पष्ट किया कि सरकार ने व्यापारियों के हित में धारा 128A के तहत एक विशेष योजना लाई है, जिसके अंतर्गत व्यापारी 1 नवंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक आवेदन कर सकते हैं और देय राशि का भुगतान कर सकते हैं। इस योजना के तहत व्यापारियों को ब्याज और शास्ती से राहत मिल सकती है, जो विभाग द्वारा पहले लगाई गई थी। हालांकि, श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि अगर कोई व्यापारी पहले से कोई भुगतान कर चुका है तो उसे वापस नहीं किया जाएगा। इस योजना से व्यापारियों को उनके वित्तीय दायित्वों में बड़ी राहत मिल सकती है, और यह योजना देशभर में कर दायित्वों को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राज्य कर आयुक्त एस. धनराजू उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में व्यापारिक समुदाय और कर सलाहकारों से यह अपील की कि वे व्यापारियों को ईमानदारी से कर चुकाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि कर की राशि से ही देश की आधारभूत संरचना और विकास परियोजनाओं को वित्तीय समर्थन मिलता है, और यह देश की समृद्धि में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। धनराजू ने विभागीय अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया, जिससे कर प्रणाली को और अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जा सके।
इस अवसर पर टेक्स ला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृदुल आर्य ने आयुक्त महोदय का ध्यान उन चुनौतियों की ओर आकर्षित किया जो व्यापारियों को नए जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने में हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए सरकार को और अधिक प्रयास करने चाहिए, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। राज्य कर आयुक्त ने इस दिशा में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और वादा किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेंगे।
इस अवसर पर टेक्स ला बार एसोसिएशन के सचिव मनोज पारख, कोषाध्यक्ष धीरज अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य शंकर बसंता, हर्ष गुप्ता, हेमंत जैन और विकास अग्रवाल समेत अन्य कई महत्वपूर्ण सदस्य उपस्थित थे। वर्कशॉप में विभिन्न कानूनी और व्यापारिक विशेषज्ञों ने भाग लिया और जीएसटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उपस्थित सदस्यों ने इस वर्कशॉप को उपयोगी और जानकारीपूर्ण माना, जिससे उन्हें सरकार की नई नीतियों को समझने में मदद मिली और अपने व्यापारिक दायित्वों को बेहतर तरीके से निभाने के लिए प्रोत्साहन मिला।
इस वर्कशॉप ने व्यापारियों और कर सलाहकारों को जीएसटी काउंसिल की नवीनतम घोषणाओं और सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न राहत योजनाओं के बारे में जागरूक किया। यह न केवल कर अनुपालन को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, बल्कि इससे व्यापारिक समुदाय को भी यह विश्वास मिला कि सरकार उनकी समस्याओं को समझ रही है और समाधान प्रदान कर रही है।
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