विश्व

विश्व फार्मासिस्ट दिवस: बीयू में विद्यार्थियों ने फार्मेसी के महत्व और नवाचार पर की गहन चर्चा

बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय आयोजन ने फार्मेसी क्षेत्र के महत्व को किया उजागर

भोपाल। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय विश्व फार्मासिस्ट दिवस का भव्य आयोजन किया। आयोजन का उद्देश्य फार्मासिस्टों की स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानना और उन्हें सम्मानित करना था। कार्यक्रम में वृक्षारोपण अभियान, विभिन्न प्रतियोगिताएं और विशेषज्ञों के व्याख्यान ने छात्रों और शिक्षकों को प्रेरित किया और फार्मेसी क्षेत्र के महत्व पर जोर दिया।

उद्घाटन समारोह और प्रमुख अतिथियों के विचार

कार्यक्रम का उद्घाटन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश के अध्यक्ष संजय कुमार जैन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने फार्मेसी के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की बढ़ती भूमिका और उनके अहम योगदान को रेखांकित किया। श्री जैन ने कहा फार्मासिस्ट न केवल दवाओं के वितरण तक सीमित रहते हैं, बल्कि वे स्वास्थ्य सेवा में सुधार और दवाइयों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर सुरेश कुमार जैन ने छात्रों को फार्मेसी क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कैसे फार्मेसी के छात्र आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवा में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा फार्मेसी का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और हमें इसमें लगातार सुधार और नवाचार करने की आवश्यकता है। 


विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रागिनी गोठलवाल ने अपने प्रेरक भाषण में छात्रों और संकाय को फार्मेसी के महत्व और उनके सामाजिक योगदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा फार्मासिस्ट समाज के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका योगदान अमूल्य है, क्योंकि वे न केवल दवाइयों के विशेषज्ञ हैं, बल्कि रोगियों की देखभाल और उन्हें सही परामर्श देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण अभियान

विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवा के बीच संबंध को उजागर करने के लिए एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

आयोजन में बड़ी संख्या में छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया और विश्वविद्यालय परिसर में नए पौधे लगाए। प्रोफेसर रागिनी गोठलवाल ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा जैसे पेड़ हमें ऑक्सीजन और जीवन देते हैं, वैसे ही फार्मासिस्ट भी समाज के स्वास्थ्य को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाते हैं। इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण संरक्षण के बीच गहरे संबंध को समझाना है।

प्रतियोगिताओं में छात्रों की उत्साही भागीदारी

विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2024 के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें पोस्टर प्रेजेंटेशन और नारा लेखन प्रतियोगिता शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं ने छात्रों को फार्मेसी से संबंधित विषयों पर अपने ज्ञान और कौशल को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर दिया। छात्रों ने अपने पोस्टरों और नारों के माध्यम से फार्मेसी क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया।


इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया और उनकी रचनात्मकता और नवाचार की सराहना की गई। प्रोफेसर सुरेश कुमार जैन ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा यह प्रतियोगिताएं छात्रों के भीतर रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती हैं। यह न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें भविष्य के फार्मेसी क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए भी प्रेरित करती हैं।

डिजिटल युग में फार्मेसी का भविष्य

समारोह के अंतिम दिन, सुमन कुमार घोष, निदेशक और संस्थापक MAPASU e-Learning PharmaGuide Services LLP, ने एक विशेष ऑनलाइन व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने डिजिटल युग में फार्मेसी की बदलती भूमिका और इसके प्रभाव पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा फार्मेसी अब केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। डिजिटल फार्मेसी, दूरसंचार और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं के विकास से यह क्षेत्र और भी सशक्त हो रहा है।

सुमन कुमार घोष के विचारों को छात्रों और शिक्षकों ने खूब सराहा। छात्रों ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रौद्योगिकी ने फार्मेसी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बना दिया है।

धन्यवाद ज्ञापन और भविष्य की दिशा

तीन दिवसीय आयोजन का समापन प्रोफेसर रागिनी गोठलवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, आयोजकों और छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। डॉ. रचना अखण्ड गिरी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन और समर्थन के लिए सभी का आभार जताया।


इस आयोजन ने न केवल छात्रों को फार्मेसी के क्षेत्र में नवीनतम प्रवृत्तियों और चुनौतियों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी अवसर दिया। कार्यक्रम के समापन के साथ, छात्रों ने इस बात का संकल्प लिया कि वे भविष्य में फार्मेसी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे और समाज की सेवा में अपनी भूमिका निभाएंगे। 

India News Vista
161

Newsletter

Subscribe to our newsletter for daily updates and stay informed

Feel free to opt out anytime
Get In Touch

+91 99816 65113

[email protected]

Follow Us

© indianewsvista.in. All Rights Reserved.